Sophonie 3
Malheur à la ville rebelle
1दुख देवइया, बिदरोही अऊ असुध मनखेमन के सहर ऊपर हाय! 2ओह काकरो बात ला नइं मानय, अऊ न ही काकरो सलाह ला स्वीकार करय। ओह यहोवा ऊपर भरोसा नइं करय, ओह अपन परमेसर के लकठा म नइं आवय। 3ओकर अधिकारीमन ओकर भीतर दहाड़त सेर कस, अऊ ओकर सासन करइयामन सांझ के बेरा सिकार करइया ओ भेड़ियामन कस अंय, जेमन बिहनियां बर कुछू ला नइं बचांय। 4ओकर अगमजानीमन सही मनखे नो हंय; ओमन बिसवासघाती अंय। ओकर पुरोहितमन पबितर-स्थान ला अपबितर करथें अऊ ओमन कानून ला टोरथें। 5यहोवा, जऊन ह ओकर भीतर हवय, ओह धरमी अय; ओह कोनो गलत काम नइं करय। रोज बिहनियां ओह अपन नियाय ला परगट करथे, अऊ कोनो दिन ओह कोनो बात म नइं चुकय, तभो ले अधरमीमन ला लाज नइं आवय।
Attendez-moi, dit le Seigneur
6“मेंह जाति-जाति के मनखेमन ला नास करे हंव; अऊ ओमन के गढ़मन ला गिरा देय गे हवय। मेंह ओमन के गलीमन ला सुन्ना कर दे हंव, अऊ ओ गलीमन ले होके कोनो नइं जावंय। ओमन के सहरमन उजर गे हवंय; ओमन ला छोंड़ देय गे हवय अऊ ओमन खाली हवंय। 7यरूसलेम के बारे म मोर ये बिचार रिहिस, ‘तेंह जरूर मोर भय मानबे अऊ मोर सलाह ला मानबे!’ तब ओकर सरन-स्थान ला न तो नास करे जातिस, अऊ न ही मोर कोनो दंड ओमन ऊपर आतिस, पर ओमन तब भी अपन जम्मो काम म उत्सुक होके बुरई के काम करे लगिन। 8एकर कारन मोर बर ओ दिन के इंतजार करव,” यहोवा ह घोसना करत हे, “जब मेंह गवाही देय बर ठाढ़ होहूं। मेंह ठान ले हंव कि मेंह जाति-जाति के मनखे, अऊ राज-राज के मनखेमन ला इकट्ठा करहूं अऊ ओमन ऊपर अपन कोप परगट करहूं— मोर पूरा भयानक गुस्सा। मोर जलन के कोरोध के आगी ले पूरा संसार ह जलके नास हो जाही।
Il restera un reste humble
9“तब में मनखेमन के ओंठ ला सुध करहूं, ताकि ओमन जम्मो झन यहोवा के नांव ला पुकारंय अऊ कंधा ले कंधा मिलाके ओकर सेवा करंय। 10कूस के नदीमन के ओ पार ले मोर अराधना करइया, मोर तितिर-बितिर होय मनखेमन मोर बर चढ़ावा लानहीं। 11हे यरूसलेम, ओ दिन, तोला मोर बिरूध करे गय खराप काम के कारन लज्जित होय बर नइं पड़य, काबरकि मेंह तोर बीच ले तोर जिद्दी घमंडी मनखेमन ला निकाल दूहूं। अऊ तेंह मोर पबितर पहाड़ी ऊपर फेर कभू घमंड नइं करबे। 12पर मेंह तुम्हर बीच म सिरिप नम्र अऊ दीन मनखेमन ला रहन दूहूं। इसरायल के बांचे मनखेमन यहोवा के नांव म भरोसा करहीं। 13ओमन कोनो गलत काम नइं करहीं; ओमन लबारी नइं मारहीं। ओमन के मुहूं ले कोनो छल के बात नइं निकलही। ओमन खाहीं अऊ अराम करहीं अऊ कोनो ओमन ला नइं डराहीं।”
Le Seigneur se réjouira pour toi en chantant
14हे बेटी सियोन, गा; हे इसरायल, जय-जयकार कर! हे बेटी यरूसलेम, खुसी रह अऊ अपन पूरा मन से आनंद मना! 15यहोवा ह तोर दंड ला दूरिहा कर दे हवय, ओह तोर बईरीमन ला हटा दे हवय। यहोवा, इसरायल के राजा ह तोर संग हवय; फेर कभू तोला कोनो हानि के डर नइं होही। 16ओ दिन ओमन यरूसलेम ले कहिहीं, “हे सियोन, झन डर; तोर हांथ ह दुरबल झन होवय। 17यहोवा, तोर परमेसर ह तोर संग हवय, ओह बड़े सूरबीर अय, जऊन ह तोला बचाथे। ओह तोर कारन बहुंत आनंदित होही; अपन मया म ओह तोला फेर कभू नइं डांटही, पर तोर कारन ओह गीत गावत आनंदित होही।” 18“मेंह ओ सबो झन ला तोर बीच ले हटा दूहूं जऊन मन तोर ठहिराय तिहारमन के हट जाय के कारन दुखी हवंय, जऊन ह तोर बर एक बोझा अऊ कलंक अय। 19ओ समय मेंह ओ जम्मो झन ले लेखा लूहूं जेमन तोला दुख देय रिहिन। मेंह खोरवा मनखे ला बचाहूं; अऊ बंधुवामन ला संकेलहूं। मेंह ओमन ला हर ओ देस म महिमा अऊ आदर दूहूं जिहां ओमन लज्जित होवत रिहिन। 20ओ समय मेंह तुमन ला संकेलहूं; ओ समय मेंह तुमन ला घर ले आनहूं। मेंह धरती के जम्मो मनखेमन के बीच तुमन ला आदर अऊ महिमा दूहूं जब मेंह तुम्हर आंखी के आघू म तुम्हर खुसहाली जिनगी ला लहुंटा लानहूं,” यहोवा ह कहत हे।